Sunday, May 19, 2024

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उमर खालिद ने मीडिया हस्तियों और नेताओं से संपर्क कर अपनी गलत कहानी को फैलाया

दिल्ली पुलिस का आरोप है कि उमर खालिद ने 2020 के दिल्ली दंगों में कथित बड़ी साजिश के सिलसिले में मीडिया हस्तियों और राजनेताओं से संपर्क कर अपनी गलत कहानी को फैलाने की कोशिश की। इस लेख में हम इस मामले की पूरी जानकारी दे रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद पर 2020 के दिल्ली दंगों में कथित बड़ी साजिश के मामले में एक नया आरोप लगाया है। पुलिस का दावा है कि खालिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मीडिया हस्तियों के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल कर अपनी गलत कहानी को फैलाने की कोशिश की।

दिल्ली पुलिस का आरोप

दिल्ली पुलिस के अनुसार, उमर खालिद ने अपने मोबाइल फोन से कई अभिनेताओं, राजनेताओं, कार्यकर्ताओं और मीडिया हस्तियों से संपर्क किया और उन्हें कुछ खास न्यूज पोर्टल्स के लिंक भेजे। इन लिंक्स में कथित तौर पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की गई थी।

दिल्ली पुलिस के विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने अदालत में दलील दी कि खालिद ने इन लिंक्स को सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए इन हस्तियों से अनुरोध किया था। उनका दावा है कि खालिद का इरादा अपनी सोशल मीडिया पर एक खास तरह का माहौल बनाना और अपनी गलत कहानी को मजबूत करना था।

कौन से हस्तियों से किया गया संपर्क?

अदालत में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, खालिद ने कथित तौर पर कई मशहूर हस्तियों से संपर्क किया था, जिनमें शामिल हैं:

  • अभिनेता: पूजा भट्ट, सुशांत सिंह, स्वरा भास्कर, मोहम्मद जीशान अय्यूब
  • राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता: योगेंद्र यादव
  • कांग्रेस नेता: जिग्नेश मेवाणी
  • न्यूज़ पोर्टल: द वायर और ऑल्ट न्यूज़

खालिद के वकील का क्या कहना है?

उमर खालिद के वकील ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, फरवरी 2024 में खालिद ने कथित बदले हुए हालात के कारण सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमान याचिका वापस ले ली थी।

मामले की वर्तमान स्थिति

उमर खालिद को फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों में कथित बड़ी साजिश के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोपित किया गया है। दिल्ली पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है और खालिद को जमान नहीं दिया गया है।

विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली पुलिस का यह आरोप उमर खालिद के मामले में अहम साबित हो सकता है। यदि पुलिस यह साबित करने में सफल रहती है कि खालिद जानबूझकर गलत कहानी फैला रहा था, तो इससे उसकी जमान याचिका कमजोर हो सकती है।

हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अभी इस मामले में अंतिम फैसला होना बाकी है और दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।

मीडिया का रुख

इस मामले को लेकर मीडिया में काफी चर्चा है। कुछ मीडिया हस्तियों ने दिल्ली पुलिस के आरोपों पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ का कहना है कि जांच को निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।

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